इस सुबह, मेरे कमरे में आत्माएं इतनी करीब आ गईं कि मैं महसूस कर सकी थी कि वे मेरी बालों और चेहरे को छू रहे हैं।
इन आत्माओं ने अंग्रेज़ी नहीं बोली। वे अधिकतर चुप थे, लेकिन रोने और शोक मनाने की आवाज़ सुनाई दी। सात बजे सुबह तक भी वे मेरे कमरे में मौजूद थे। कुछ चेहरे बहुत करीब आ गए, और कुछ मेरी बांह और बालों को छूए।
मैंने उन्हें कहा, "मुझे मत छुओ, मुझे मत छुओ।"
इन आत्माओं ने पछ喘 ना किया था और मदद के लिए तड़प रहे थे। मैं उनको हमारी प्रभु को समर्पित कर दी। उनके इतने से थे।